नई दिल्ली, 23 नवंबर 2025 – भारत सरकार द्वारा लागू किए गए new Labour Codes ने देशभर के करोड़ों कर्मचारियों की सैलरी स्ट्रक्चर में बड़े बदलाव की शुरुआत कर दी है। 21 नवंबर 2025 से प्रभावी हुए इन चार नए श्रम संहिताओं ने 29 पुराने कानूनों की जगह ले ली है, जिससे वेतन, भविष्य निधि और ग्रेच्युटी की गणना का तरीका पूरी तरह बदल गया है।
टेक-होम सैलरी घटने की आशंका, लेकिन PF में होगा फायदा
श्रम मंत्रालय के नए नियमों के अनुसार, अब प्रत्येक कर्मचारी की कम से कम 50 प्रतिशत सैलरी बेसिक पे के रूप में होनी अनिवार्य है। इससे पहले कंपनियां केवल 30-40 प्रतिशत सैलरी बेसिक पे के रूप में देती थीं और बाकी राशि विभिन्न allowances में बांट दी जाती थी।
वित्तीय विशेषज्ञों का कहना है कि इस बदलाव से कर्मचारियों की मासिक टेक-होम सैलरी में 500 से 2000 रुपये तक की कमी आ सकती है, लेकिन दीर्घकालिक दृष्टि से यह बदलाव फायदेमंद साबित होगा। बेसिक पे बढ़ने से PF में अधिक राशि जमा होगी और रिटायरमेंट के समय कर्मचारियों को बेहतर corpus मिलेगा।
IT सेक्टर के लिए बड़ी राहत: 7 तारीख तक सैलरी अनिवार्य
नए Labour Codes में IT और ITES सेक्टर के कर्मचारियों के लिए विशेष प्रावधान किया गया है। अब हर महीने की 7 तारीख तक सैलरी का भुगतान करना अनिवार्य होगा। इस नियम का उल्लंघन करने पर कंपनियों पर कार्रवाई की जा सकेगी।
कॉन्फेडरेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्री के महानिदेशक ने इस कदम का स्वागत करते हुए कहा कि ये संहिताएं बेहतर वेतन, मजबूत सामाजिक सुरक्षा और श्रमिकों तथा उद्योग दोनों के लिए अनुमानित नियामक वातावरण को बढ़ावा देंगी।
new labour codes Ministry of Labour & Employment mGig Workers को मिलेगी पहली बार कानूनी मान्यता
नए कानून में पहली बार gig workers और platform workers को कानूनी मान्यता दी गई है। Delivery agents, cab drivers, freelancers जैसे करोड़ों workers को अब social security benefits मिलेंगे। Aggregators को अपने वार्षिक टर्नओवर का 1-2 प्रतिशत योगदान देना होगा, जो platform workers को कुल भुगतान के 5 प्रतिशत तक सीमित होगा।
यह कदम भारत में तेजी से बढ़ रहे gig economy के लिए एक महत्वपूर्ण सुधार माना जा रहा है।
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Fixed-Term Employees को मिला बड़ा तोहफा
Contract और fixed-term कर्मचारियों के लिए बड़ी खुशखबरी है। नए नियमों के तहत अब केवल एक साल की सेवा के बाद ग्रेच्युटी मिलने लगेगी, जबकि पहले इसके लिए पांच साल की सेवा अनिवार्य थी। यह बदलाव विशेष रूप से project-based employees और contract workers के लिए लाभकारी साबित होगा।
महिला कर्मचारियों के लिए बेहतर प्रावधान
नई श्रम संहिताओं में महिला कर्मचारियों के लिए कई सुरक्षा उपाय शामिल किए गए हैं। पहली बार महिलाओं को रात की पाली में काम करने की अनुमति दी गई है, बशर्ते उचित सुरक्षा व्यवस्था हो। साथ ही, समान काम के लिए समान वेतन की गारंटी दी गई है और gender-based वेतन भेदभाव पर रोक लगाई गई है।
सामाजिक सुरक्षा कवरेज में जबरदस्त वृद्धि
सरकार के आंकड़ों के अनुसार, भारत में सामाजिक सुरक्षा कवरेज 2015 में कार्यबल के 19 प्रतिशत से बढ़कर 2025 में 64 प्रतिशत से अधिक हो गई है। ESIC coverage को पूरे देश में विस्तारित किया गया है और अब एक भी hazardous-process worker वाली establishments के लिए यह अनिवार्य है।
चार मुख्य Labour Codes
सरकार ने निम्नलिखित चार संहिताएं लागू की हैं:
Code on Wages (2019) – न्यूनतम वेतन, बोनस और वेतन भुगतान से संबंधित नियम
Industrial Relations Code (2020) – ट्रेड यूनियन, औद्योगिक विवाद और छंटनी के नियम
Social Security Code (2020) – PF, ESI, ग्रेच्युटी और अन्य सामाजिक सुरक्षा लाभ
Occupational Safety, Health & Working Conditions Code (2020) – कार्यस्थल पर सुरक्षा और स्वास्थ्य मानक
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Salary Structure में बदलाव: एक नजर
उदाहरण के लिए, यदि किसी कर्मचारी की CTC 10 लाख रुपये है तो पुराने नियमों के तहत उसकी बेसिक सैलरी 4 लाख रुपये (40 प्रतिशत) थी और PF कटौती 48,000 रुपये वार्षिक होती थी।
नए नियमों के तहत, उसी CTC पर बेसिक सैलरी 5 लाख रुपये (50 प्रतिशत) होगी और PF कटौती 60,000 रुपये वार्षिक होगी। इससे मासिक टेक-होम सैलरी लगभग 1,000 रुपये कम होगी, लेकिन PF में सालाना 12,000 रुपये अधिक जमा होंगे।
Work from Home को मिली कानूनी मान्यता
महामारी के बाद बढ़े WFH culture को अब कानूनी मान्यता मिल गई है। नई संहिताओं में विशेष रूप से IT और services sector के लिए work from home provisions शामिल किए गए हैं।
Retrenchment और Strikes के नए नियम
सरकारी मंजूरी की आवश्यकता वाली छंटनी की सीमा 100 से बढ़ाकर 300 कर्मचारी कर दी गई है। इससे कंपनियों को कुछ राहत मिली है। हालांकि, strike के लिए 14 दिन का पूर्व नोटिस देना अनिवार्य किया गया है।
साप्ताहिक काम की सीमा 48 घंटे रखी गई है और overtime के लिए दोगुने वेतन का प्रावधान किया गया है।
Transition Period में चुनौतियां
विशेषज्ञों का कहना है कि implementation के दौरान कुछ चुनौतियां सामने आ सकती हैं क्योंकि अभी कई राज्यों को अपने rules finalize करने हैं। अगले 45 दिनों में विस्तृत guidelines जारी होने की उम्मीद है।
HR professionals का सुझाव है कि कंपनियों को तुरंत अपने salary structures को review करना चाहिए और employment contracts को update करना चाहिए। Payroll systems में आवश्यक बदलाव करने की जरूरत होगी।
कर्मचारियों के लिए सुझाव
श्रम विशेषज्ञों की सलाह है कि कर्मचारियों को अपनी नई salary structure की जांच करनी चाहिए और PF तथा gratuity calculations को verify करना चाहिए। Employment contract को ध्यान से पढ़ें और long-term financial planning करें।
Employers की जिम्मेदारी
कंपनियों को 50 प्रतिशत basic pay rule के अनुसार salary structures adjust करने होंगे। Payroll software को update करना, gig workers के लिए social security plans बनाना और compliance team को प्रशिक्षित करना आवश्यक होगा।
विशेषज्ञों की राय
Labour law experts का मानना है कि ये संहिताएं भारत के labour ecosystem में एक बड़ा सुधार हैं। हालांकि short-term में कुछ adjustment issues हो सकते हैं, लेकिन long-term में यह सभी stakeholders के लिए फायदेमंद साबित होगा।
Industry bodies ने इस कदम का स्वागत किया है और कहा है कि यह भारत को global labour standards के अनुकूल बनाएगा तथा ease of doing business को बढ़ावा देगा।
अंतिम विश्लेषण
new Labour Codes 2025 भारतीय श्रम व्यवस्था में एक ऐतिहासिक बदलाव हैं। जहां कर्मचारियों की मासिक टेक-होम सैलरी में कुछ कमी आ सकती है, वहीं उनकी retirement security काफी मजबूत होगी। CTC में कोई बदलाव नहीं होगा, लेकिन salary का distribution बदल जाएगा।
Fixed-term employees, gig workers और महिला कर्मचारियों को विशेष रूप से फायदा होगा। Job security बढ़ेगी और social security coverage का दायरा विस्तृत होगा।
यह एक short-term sacrifice है long-term financial security के लिए, जो आने वाले वर्षों में करोड़ों भारतीय workers की जिंदगी में सकारात्मक बदलाव लाएगा।
नोट: यह रिपोर्ट सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है। अपनी विशिष्ट स्थिति के लिए कृपया अपने HR विभाग या labour law expert से परामर्श करें। new Labour Codes से जुड़े नवीनतम अपडेट के लिए श्रम और रोजगार मंत्रालय की आधिकारिक वेबसाइट देखते रहें।
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